भारत में असहिष्णुता का राग अलापने वाले यह खबर जरूर पढ़ें
पिछले समय में भारत मे असहिष्णुता के नाम पर बहुत बहस हुई थी। नरेन्द्र मोदी के नाम को भी उछाला गया था, कि इनके प्रधानमंत्री बनने के बाद असहिष्णुता बढ़ी है। कई नामी हस्तियों ने भी इसके नाम पर अवॉर्ड वापसी भी की थी। समाज का एक वर्ग इस बात को बता रहा था कि देश में मोदी सरकार के आने के बाद से हीं असहिष्णुता बढ़ी है।
Ipsos MORI के सर्वे के अनुसार भारत सहिष्णु देशों की लिस्ट में चौथे स्थान पर है, भारत से पहले कनाडा चीन और मलेशिया ही हैं। इस सर्वे में 27 देशों में लगभग 20 हजार लोगों का इंटरव्यू किया गया था। 63 फीसदी भारतीय भिन्न भिन्न बैक ग्राउंड्स, संस्कृति या दृष्टिकोण वाले लोगों के प्वाइंट पर भारत को सहिष्णु देश मानते हैं। 53 प्रतिसत भारतीयों को लगता है कि मेलजोल से आपसी समझ और सम्मान की भावना पैदा होती है।


